साबूदाना खिचड़ी बनाने की विधि हिंदी में। जानें साबूदाना कितनी देर भिगोना चाहिए और खिचड़ी चिपकने से कैसे बचाएं। व्रत-उपवास के लिए परफेक्ट रेसिपी।
साबूदाना खिचड़ी बनाने की विधि
व्रत हो या सुबह का नाश्ता — साबूदाना खिचड़ी हर घर की पसंद है। लेकिन एक शिकायत लगभग सबकी होती है: खिचड़ी चिपचिपी बन जाती है, दानें एक-दूसरे से चिपक जाते हैं और लोई जैसी गुठली बन जाती है।
How do you make non sticky sabudana khichdi?
सच्चाई ये है कि खिली-खिली साबूदाना खिचड़ी का राज़ मसालों में नहीं, बल्कि साबूदाना भिगोने के तरीके में छिपा है। अगर भिगोना सही हो गया, तो खिचड़ी बिगड़ ही नहीं सकती।
इस रेसिपी में मैं आपको वही तरीका बताऊँगी — साथ में वो 5 गलतियाँ भी, जिनकी वजह से खिचड़ी चिपकती है।

एक नज़र में
| तैयारी का समय | 10 मिनट (+ 4–5 घंटे भिगोने का) |
| पकाने का समय | 15 मिनट |
| कितने लोगों के लिए | 4 |
| कैलोरी | लगभग 360 kcal प्रति सर्विंग |
| खाने का समय | नाश्ता / व्रत का खाना |
सामग्री
मुख्य सामग्री
- साबूदाना — 1 कप (मीडियम साइज़ वाला)
- आलू — 2 मीडियम (उबले हुए, छोटे टुकड़ों में कटे)
- मूंगफली — ½ कप (भुनी हुई)
- देसी घी — 3 बड़े चम्मच
- सेंधा नमक — स्वादानुसार
- चीनी — 1 छोटा चम्मच
- नींबू — 1 (रस निकाल लें)
तड़के के लिए
- जीरा — 1 छोटा चम्मच
- हरी मिर्च — 2–3 (लंबी कटी)
- करी पत्ता — 8–10 (सख्त व्रत में छोड़ सकते हैं)
- हरा धनिया — 2 बड़े चम्मच (बारीक कटा)

कौन सा साबूदाना खरीदें? मीडियम साइज़ वाला मोती साबूदाना लें। बहुत छोटा “नायलॉन साबूदाना” भिगोने पर घुल जाता है और खिचड़ी लेई बन जाती है। बड़ा साबूदाना अंदर से कच्चा रह जाता है।
साबूदाना भिगोने का सही तरीका (सबसे ज़रूरी स्टेप)
यही स्टेप पूरी खिचड़ी बनाता या बिगाड़ता है। ध्यान से पढ़ें।
स्टेप 1 — साबूदाना धोएँ, और अच्छी तरह धोएँ
साबूदाने को एक बर्तन में डालकर पानी भरें और हाथ से हिलाएँ। पानी दूधिया सफ़ेद हो जाएगा — यही स्टार्च है, और यही चिपकने की असली वजह है।
पानी फेंक दें और यही काम 3–4 बार दोहराएँ, जब तक पानी लगभग साफ़ न दिखने लगे।
ये दो फोटो साथ में दिखाना ज़रूरी है — यहीं पर पाठक को फर्क समझ आता है।
स्टेप 2 — पानी नाप कर डालें
अब धुले साबूदाने में इतना ही पानी डालें कि वो साबूदाने के लेवल तक आए — उससे ऊपर नहीं। ऊँगली डालकर देखें: पानी साबूदाने की सतह को छूता रहे, बस।
ज़्यादा पानी = चिपचिपी खिचड़ी। ये सबसे आम गलती है।
स्टेप 3 — 4–5 घंटे ढककर छोड़ दें
ढककर रख दें। रात भर भिगोना भी बढ़िया रहता है — सुबह नाश्ते के लिए तैयार मिलेगा।
स्टेप 4 — तैयार है या नहीं, ऐसे जाँचें
एक दाना उठाकर अंगूठे और ऊँगली के बीच दबाएँ। अगर वो आसानी से पूरा मसल जाए, बीच में कोई सख्त सफ़ेद बिंदी न बचे — तो तैयार है।
अगर बीच में सख्त हिस्सा है, तो 2 बड़े चम्मच पानी छिड़ककर 1 घंटा और रखें।
स्टेप 5 — पानी पूरा निकाल दें
छलनी में डालकर 10 मिनट रखें, ताकि बचा हुआ पानी निकल जाए। फिर काँटे से हल्के हाथ से फुलाएँ — दाने अलग-अलग दिखने चाहिए।
खिचड़ी बनाने की विधि
स्टेप 1 — मूंगफली दरदरी कूटें
भुनी मूंगफली के छिलके हटाकर मिक्सी में दरदरा पीस लें — बारीक पाउडर नहीं। दरदरा दाना ही खिचड़ी में कुरकुरापन देता है।
स्टेप 2 — तड़का लगाएँ
कढ़ाई में घी गरम करें। जीरा डालें, चटकने दें। फिर हरी मिर्च और करी पत्ता डालकर 30 सेकंड भूनें।
स्टेप 3 — आलू भूनें
उबले आलू के टुकड़े डालें और थोड़ा नमक डालकर 3–4 मिनट भूनें, जब तक किनारे हल्के सुनहरे हो जाएँ। आलू का ये सुनहरापन खिचड़ी का स्वाद दुगना कर देता है — जल्दबाज़ी न करें।
स्टेप 4 — साबूदाना मिलाएँ
आँच मीडियम-धीमी कर दें। भीगा साबूदाना, कुटी मूंगफली, सेंधा नमक और चीनी डालें। हल्के हाथ से मिलाएँ।
चीनी ज़रूर डालें — मीठा नहीं लगेगा, बस नमक और नींबू का बैलेंस बन जाएगा।
स्टेप 5 — 4–5 मिनट पकाएँ, बस
बीच-बीच में हल्का चलाएँ। साबूदाना पारदर्शी (transparent) हो जाए तो समझिए बन गई।
⚠️ ढक्कन न लगाएँ। भाप अंदर रुकेगी तो खिचड़ी चिपक जाएगी। ⚠️ ज़्यादा न चलाएँ। बार-बार चलाने से दाने टूटकर लेई बन जाते हैं।
स्टेप 6 — आँच बंद करके फिनिश करें
गैस बंद करें। नींबू का रस और हरा धनिया डालकर मिलाएँ।
नींबू गैस बंद करने के बाद ही डालें — गरम आँच पर डालने से उसकी ताज़ी खुशबू उड़ जाती है।
गरमागरम परोसें। साथ में दही हो तो और मज़ा आएगा।
खिचड़ी चिपकने की 5 वजहें (और उनका हल)
| गलती | क्या होता है | हल |
|---|---|---|
| ठीक से नहीं धोया | स्टार्च बचा रहता है, दाने चिपकते हैं | 3–4 बार, पानी साफ़ होने तक धोएँ |
| ज़्यादा पानी डाला | साबूदाना फूलकर लेई बन जाता है | पानी सिर्फ़ साबूदाने के लेवल तक |
| बहुत देर भिगोया | दाने गल जाते हैं | 4–5 घंटे काफ़ी हैं, 10–12 घंटे नहीं |
| ढककर पकाया | भाप से चिपचिपापन आता है | ढक्कन बिल्कुल न लगाएँ |
| बार-बार चलाया | दाने टूट जाते हैं | 2–3 बार हल्के हाथ से, बस |
कुछ और वेरिएशन
प्याज़ वाली साबूदाना खिचड़ी व्रत नहीं है? स्टेप 2 में जीरे के बाद 1 बारीक कटा प्याज़ डालकर सुनहरा होने तक भूनें। सादा नमक इस्तेमाल करें।
पौष्टिक साबूदाना खिचड़ी आलू आधा कर दें और ½ कप उबले मटर या बारीक कटी गाजर डालें। घी 2 चम्मच रखें। ऊपर से भुने तिल छिड़कें।
बच्चों के लिए हरी मिर्च और करी पत्ता छोड़ दें। मूंगफली बारीक पीसें (साबुत दाना छोटे बच्चों के लिए खतरा हो सकता है)। थोड़ा और घी और नींबू डालें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
साबूदाना कितनी देर भिगोना चाहिए? मीडियम साइज़ साबूदाने को 4–5 घंटे भिगोना काफ़ी है। रात भर भी रख सकते हैं। 10–12 घंटे से ज़्यादा न भिगोएँ, दाने गल जाएँगे। सही जाँच घंटों से नहीं होती — एक दाना ऊँगली से दबाएँ, आसानी से मसल जाए और बीच में सख्त बिंदी न बचे, तो तैयार है।
साबूदाना खिचड़ी चिपकी हुई क्यों बनती है? सबसे बड़ी वजह है स्टार्च। साबूदाने को 3–4 बार, पानी साफ़ होने तक धोना ज़रूरी है। दूसरी वजह ज़्यादा पानी — पानी साबूदाने के लेवल तक ही होना चाहिए। तीसरी वजह पकाते समय ढक्कन लगाना, जिससे भाप अंदर रुककर दाने चिपका देती है।
क्या व्रत में साबूदाना खा सकते हैं? हाँ, साबूदाना व्रत-उपवास में खाया जाने वाला पारंपरिक अन्न है और नवरात्रि, एकादशी, जन्माष्टमी जैसे व्रतों में इस्तेमाल होता है। ध्यान रखें कि सेंधा नमक इस्तेमाल करें, सादा नमक नहीं। हर परिवार की परंपरा थोड़ी अलग होती है, तो अपने घर के रिवाज़ के हिसाब से करी पत्ता या प्याज़ छोड़ सकते हैं।
साबूदाना खिचड़ी में क्या-क्या डालते हैं? मूल सामग्री है — भीगा साबूदाना, उबले आलू, दरदरी कुटी मूंगफली, जीरा, हरी मिर्च, सेंधा नमक, चीनी, घी और नींबू। हरा धनिया और करी पत्ता स्वाद बढ़ाते हैं। व्रत नहीं है तो प्याज़ भी डाल सकते हैं।
कौन सा साबूदाना सबसे अच्छा होता है? मीडियम साइज़ का मोती साबूदाना। बहुत छोटा “नायलॉन साबूदाना” भिगोने पर घुलकर लेई बना देता है, और बहुत बड़ा दाना अंदर से कच्चा रह जाता है।
साबूदाना खिचड़ी में कितनी कैलोरी होती है? इस रेसिपी में लगभग 360 kcal प्रति सर्विंग (4 सर्विंग में से एक)। ये घी और मूंगफली की मात्रा पर निर्भर करता है — घी कम करके और आलू की जगह सब्ज़ियाँ डालकर आप इसे हल्का कर सकते हैं।
बची हुई खिचड़ी कितने दिन चलती है? फ्रिज में एक दिन तक ठीक रहती है, लेकिन ताज़ी ही सबसे अच्छी लगती है। दोबारा गरम करते समय कढ़ाई में थोड़ा घी और 1 चम्मच पानी डालकर धीमी आँच पर चलाएँ — दाने फिर नरम हो जाएँगे।
खिचड़ी बनाते समय साबूदाना कढ़ाई में चिपक रहा है, अब क्या करें? आँच धीमी कर दें और 1 छोटा चम्मच घी डालकर हल्के हाथ से चलाएँ। ढक्कन न लगाएँ। अगर गुठलियाँ बन गई हैं तो चम्मच के पीछे से हल्के दबाकर तोड़ दें — खिचड़ी बच जाएगी।
Questions people ask
How do you make non sticky sabudana khichdi at home?
You can make non-sticky and fluffy sabudana khichdi at home by soaking
the sabudana properly and draining excess water completely. Use the right
amount of water while soaking, let it rest for a few hours, and cook it
on low to medium heat. Avoid overcooking or adding too much water, as
this can make the sabudana sticky.
What is the recipe for crispy sabudana cutlets for vrat?
To make crispy sabudana cutlets for vrat, combine soaked sabudana with
boiled potatoes, roasted crushed peanuts, green chilli, coriander and
suitable vrat spices. Shape the mixture into small cutlets and shallow-fry
them until both sides become golden and crisp.
How do you make gond ke laddu for joint pain?
Gond ke laddu are traditionally prepared using edible gum, wheat flour,
ghee, nuts and jaggery or sugar. Roast the gond properly until it puffs
up, prepare the flour mixture with ghee, then combine everything and shape
into laddus after the mixture cools slightly.
Is eating the same food every day harmful according to nutrition experts?
Eating the same food every day can make your diet less diverse and may
prevent you from getting a wide range of nutrients. A balanced diet should
include different vegetables, fruits, grains, protein sources and healthy
fats.
